Friday, 5 February 2016

Chachi Ko Choda

में अपनी कॉलेज की छुट्टियों में अपनी सबसे
छोटी चाची के घर गया हुआ था . मेरे चाचा जी आर्मी में थे
साल में सिर्फ़ कभी कभार ही घर आया करते थे . उन
दिनों में सेकंड इयर के एक्साम दे चुका था . इस लिए
मेरी जवानी अपने सुरूर पर थी मेरी चाची को अभी कोई
बच्चा नही था उनकी शादी को अभी दो साल ही हुए थे. लेकिन चाचा शादी से पहले ही आर्मी में थे . इसलिए
चाची के साथ ज्यादा टाइम साथ नही रह पाए थे . पहले मैंने
कभी अपनी चाची को ग़लत नजरो से नही देखा था . लेकिन
एक दिन चाची बाज़ार गई हुई थी . के तभी अचानक बारिश
शुरू हो गई . में टी वी पर मूवी देख रहा था मूवी में कुछ सीन
थोड़े से सेक्सी थे . जिन्हें देख कर मन के ख्याल बदलना लाजमी था . उस टाइम मेरे मन में बहुत
उत्तेजना पैदा हो रही थी . में धीरे धीरे अपने लंड को सहलाने
लगा . तभी डोर बेल बजी में अचानक घबरा गया . मुझे लगा जैसे
किसी ने मुझे देख लिया हो . लेकिन मुझे याद आया के घर
में तो कोई है ही नही में बेकार में डर रहा था .मैंने जाकर
दरवाजा खोल दिया . बाहर चाची खड़ी थी उनका बदन
पूरी तरह पानी से भीगा हुआ था और वो आज पहले से
भी ज्यादा जवान और खुबसूरत लग रही थी . मैंने दरवाजा बंद कर दिया और जैसे ही पीछे मुड़ा तो मेरी नज़र
चाची की कमर पर पड़ी जहा पर उनकी गुलाबी साड़ी के
बलाउस से उनकी काले रंग की ब्रा बाहर झांक रही थी चाची ने सामान सोफे पर रखा और मुझसे बोली सावन
मेरा पूरा बदन भीग चुका है इस लिए तुम मुझे अंडर से एक
तोलिया ला दो में तोलिया ले आया तो चाची मुस्कुराते हुए
बोली समान हाथो में लटका कर लेन से मेरे हाथ दर्द करने लग
गए है . इसलिए तुम मेरा एक छोटा सा काम करोगे मैंने
पूछा क्या काम है. चाची बोली जरा मेरे बालो से पानी सुखा दोगे . मैंने कहा क्यूँ नही . चाची सोफे पर बैठ गई.
मैंने देखा बालो से पानी निकल कर उनके गोरे गालो पर बह
रहा था मैं चाची के पीछे बैठ गया और उनको अपने पैरो के
बिच में ले लिया और बालो को सुखाने लगा . चाची का गोरा और भीगने के बाद भी गरम बदन मेरे पैरो में
हलचल पैदा कर रहा था. बाल सुखाते हुए मैंने धीरे से उनके कंधे
पर अपना हाथ रख दिया . चाची ने कोई आपत्ति नही की .
धीरे से मैंने उनकी कमर सहलानी शुरू कर दी . तभी अचानक
चाची कहने लगी मेरे बाल सूख गए है अब में भीतर जा रही हू .
वो कमरे में चली गई पर मेरी साँस रुक गई मैंने सोचा शायद चाची को मेरे इरादे मालूम हो गए . कमरे में जाकर चाची ने
अपने कपड़े बदलने शुरू कर दिए. जल्दी में चाची ने
दरवाजा बंद नही किया वो ड्रेसिंग मिरर के सामने
खड़ी थी उन्होंने अपना एक एक कपड़ा उतर दिया . मैंने
अचानक देखा के चाची बड़ी गोर से अपने बदन को ऊपर से
नीचे तक ताक रही थी . मेरा दिल अब और भी पागल हो रहा था और उस पर भी बारिश का मौसम .जैसे बाहर पड़
रही बुँदे मेरे तन बदन में आग लगा रही थी . अबकी बार
चाची ने मुझे देख कर अनदेखा कर दिया . शायद ये मेरे लिए
ग्रीन सिग्नल था . में कमरे में अन्दर चला गया चाची बोली अरे सावन मैंने
अभी कपड़े नही पहने तुम बाहर जाओ . में बोला चाची मैंने
तुम्हे कपड़ो में हमेशा देखा लेकिन आज बिन कपड़ो के
देखा है अब तुम्हारी मर्ज़ी है तुम मेरे सामने ऐसे भी रह
सकती हो . और कहते हुए मैंने उनको बाहों में ले लिया .
उन्होंने थोडी सी न नुकर की लेकिन मैंने जयादा सोचने का टाइम नही दिया और बिंदास उनको किस करनी शुरू
कर दी मैंने देखा की उसने आँखे बंद कर ली . इस में
उनकी सहमति छुपी थी . में दस मिनट तक उसे किस
करता रहा इस बीच गरम होंट उसके गोरे बदन के ज़र्रे ज़र्रे
को चूम गए . अचानक चाची ने मुझे जोर से धक्का दिया और में नीचे गिर
गया एक बार को में फ़िर डर गया लेकिन अगले ही पल मैंने
पाया के चाची मेरे उपर आकर लेट गई थी .और मेरे सरे कपड़े
उतार दिए हम दोनों के बीच से कपड़ो की दिवार हट
चुकी थी . मेरा लंड पूरी तरह तैनात खड़ा था . तभी उसने मेरे
उपर आकर मेरे लंड को अपने नरम होंटो से छुआ और अपने मुह में ले लिया . वो मेरे ऊपर इस तरह बैठी थी की उसकी चूत
बिल्कुल मेरे होंठो पर आ टिकी थी मैंने चूत को बिंदास
चाटना शुरू कर दिया . उसके मुह से मेरा लुंड आजाद
हो गया था और आआह्छ ………आआःःःःः ………
ऊऊःःःःःःः …….ऊओफ्फ्फ्फ़ . की आवाज उसके मुह्ह से आने
लगी थी और तभी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया . ओर वो मुझ से बोली ऊह मेरे सेक्सी सावन मेरी चूत तुम्हारे इस
सुडोल लंड को लिए बिना नही रह सकती पलीस सावन
अपने इस प्लेयर को मेरी चूत के प्लाय्ग्रौंद में उतर
दो ताकि ये अपना चुदाई गेम खेल सके . चची अब मेरे लंड को लेने के तड़पने लगी थी मैंने
भी उसी वक्त चाची को बहो में भरा और उठा कर बेड पर
लिटा दिया . चाची की चूत रसीली हो रखी थी . में
चाची के ऊपर लेट गया मेरा लंड चाची के चूत के दरवाजे पर
दस्तक दे रहा था . चाची ने चूत को अपने दोनों हाथो से खोल
दिया और मैंने धीरे से चाची की चूत में अपना लंबा लंड डालना शुरू कर दिया . काफी दिनों से चाची की चुदाई
नही हुयी थी इस लिए चाची की चूत एक दम टाईट थी . मैंने
जोर से झटका लगाया और लंड पूरी तरह चूत की आगोश में
समां चुका था . चाची के मुह से आआह्ह्छ मार डाला की आवाज़
निकल गई और मुझे थोडी देर हिलने से मन कर दिया कुछ
देर बाद वो नीचे से हलके हलके झटके लगाने लगी अब मुझे भी चूत का मजा आने लगा और मैंने चाची की चुदाई
शुरू कर दी जितनी में अपनी चाची की चुदाई
करता वो उतनी सेक्सी सेक्सी आवाज़ निकलने लगी आह्ह
….आःछ ……..ऊऊःःःः …………ईई०ईईश्र्श्
र्श्र्श्र्श्र्श्र्श्र्श्र
……….आआःःःःःःःः …………..ऊऊओफ़् फफफफफ
………..ऊऊःःःःः फफफफ फ …… ..अआआछ ह्ह्ह . धीरे धीरे चूत लूस होने लगी . हम दोनों ने कम से कम आधे घंटे तक चुदाई
की . आधे घंटे बाद अचानक चाची मुझसे जोर से लिपट गई
और उसकी चूत थोडी देर के लिए टाईट हो गई . कुछ और
झटके लगाने के बाद मेरे लंड ने अपना वीर्य चूत में छोड़
दिया ओर चाची फ़िर से मुझे लिपट गई . में इसी तरह दस
मिनट तक चाची के ऊपर लेता रहा . उस दिन की बरसात से लेकर और अब तक ये आपका सेक्सी सेक्सी सावन
अपनी चाची के प्यासे बदन पर हर रोज़ बरसता रहा है और
इतना ही नही उस दिन के बाद मेरी चाची और
ज्यादा सेक्सी और खुबसूरत लगने लगी है . अब
अपनी चाची के अलावा आपका सेक्सी सावन बहुत
सी फिमेल की प्यास मिटा चुका है .

Monday, 1 February 2016

GF ki Chudai

This is the head of your page Example HTML page मेरी उम्र ३५ साल है और ये कहानी १० पुरानी है, जब मैं २५ साल का था. उस समय मेरा एक लड़की के साथ अफेयर थे और उसका नाम नलिनी था. हम दोनों साथ – साथ पढ़ते थे और साथ ही जब भी करते थे. हमारे अफेयर की खबर जब हमारे घर वालो को हुई, तब तक हमारे दिल एक दुसरे में डूब चुके थे और जिन्हें अब निकालना नामुमकिन था. हम दोनों एक दुसरे पर मरते थे और हम दोनों अगर मिल नहीं पाए, तो हमने घर से भागने का प्रोग्राम बनाया था. इसमें हम लग भाग भी जाते, अगर नलिनी अपने भाई के हाथो पकड़ी नहीं जाती. उस दिन पूरा दिन मैं नलिनी का वेट करता रहा, आखिर शाम को जब समय मिला, तो हमारे बीच में जो नलिनी की फ्रेंड थी, वो आई और मुझे सब बताया. मैं सुनकर बावला हो गया, क्योंकि उसने बताया था, कि नलिनी की तुरंत शादी तय कर दी है और उसके पिता उसको मारने की धमकी दे रहे है. वो जब से पकड़ी गयी है, तब से बहुत ज्यादा पिटा गया है. उसकी सहेली तो बोल गयी, कि अब मैं उसे भूल जाऊ. लेकिन कैसे जब तक मैं उसके मुह से सुन ना लू, उसे देख ना लू.. मैं दूसरी तरफ दिल को कैसे मनाता. और मैं उसकी के खयालो में था, कि उसका फ़ोन आ गया और हम दोनों ने एक रेस्तिरेंट में मिलने का सोचा. हमने उसकी शादी से ठीक एक दिन पहले मिलने का फैसला किया. ब्यूटी पार्लर के बहाने हम लोग मिलने वाले थे. ब्यूटी पार्लर उसकी बुआ की लड़की का था, जो हम से एक बार मिलकर मद्दत कर रही थी. उसने हमे ऊपर के माले पर जाने को बोला, जहाँ पर कोई नहीं आता था. और वहां पर कोई आने वाला भी नहीं था. उसके घर वाले भी उस माले पर नहीं जाते थे. हम दोनों वहीँ पर मिले. उस दिन सुबह के ९ बजे हम दोनों मिले और शाम के ५ बजे तक साथ में थे. वो थी ही इतनी खुबसूरत की उसे कुछ भी करने करवाने की जरूरत ही नहीं थी. बस वो पार्लर का बहाना बनाकर मुझसे मिलना चाहती थी. उस दिन जब हम लोग ऊपर गए, तो नलिनी ने मुझे कहा – कि मैं शादी से किसी के होने से पहले, यहीं उसके शरीर को छु लू और वो पहले पूरी तरह से मेरी होना चाहती थी और मुझे भी पूरी तरह से जानना चाहती थी. मैं चाहती हु, इस प्यासे बदन को तेरी तू मिल जाए और तेरे लंड से ही इसकी पहली प्यास बुझे. वो ऐसे बोल रही थी, जैसे कि हम ये सब पहले भी कर चुके हो. और मुझमे भी अब कोई शर्म नहीं थी. मैं भी उसे सबसे पहले भोगना चाहता था. मैं उसे पाना चाहता था. लेकिन ये नामुमकिन हो चूका था. अब हम इतने प्यासे थे, कि हवस की आग हम दोनों के जिस्म में लगी हुई थी. हम दोनों ऊपर अकेले थे और ऊपर से हमने डोर भी लॉक कर दिया था. जैसे ही मैं डोर लॉक करके अन्दर गया, नलिनी ने अपना दुपट्टा जमीन पर डाल दिया और एक कोने में जाकर बैठ गयी. अन्दर रूम में एक चेयर थी. लेकिन वो फिर भी जमीन पर नीचे ही बैठी हुई थी.. हाँ दोस्तों.. वो सेक्सी अदा में बैठी हुई थी. उसकी वो सेक्सी अदा मुझे बहुत पसंद आई और मैं भी जा बैठा उसकी दो जांघो के बीच में जाकर बैठ गया. थोड़ी देर तक एक दुसरे के हाल चाल पूछा और इधर उधर की बातें की और फिर हम बात सेक्स टॉपिक पर ले गये. हम दोनों सेक्सी बातें करने लगे. बातें करते – करते ही मैं अपने लंड को सहलाने लगा और वो अपनी चूत को मलने लगी. मेरा मुह ठीक उसकी चूत के पास ही था और मैं देख रहा था, कि उसकी चूत गीली हो चुकी थी.. जिस से उसकी सलवार गीली हो गयी थी. और वो भी देख रही थी, कि मेरा लंड उठ खड़ा हो गया है और उसकी चूत में घुसी मारने के लिए तैयार था. हम दोनों एक दुसरे को देख देख कर अपने पार्ट्स में हाथ डाल रहे थे. मेरे मुह से और उसकी चूत से सेक्सी सेक्सी पानी छुट रहा था. जो दोनों भी हमें भा रहे थे. फिर वो एक हाथ से अपने बूब को दबाने लगी और एक हाथ से उसकी चूत को मल रही थी. और मैं उसकी जांघो को चुमिया भरता हुआ, मैं अपने लंड को मसल रहा था और मुठ मार रहा था. बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने उसकी चूत वाला हाथ लेकर अपने लंड पर रख दिया और वो मेरे लंड को पकड़ कर चूत के जैसे हिला रही थी और मजे देने लगी थी. और मैं उसकी चूत को मल रहा था. अब तो मैंने उसकी सलवार निकाल दी और उसे नीचे से नंगी कर दिया और मैं थोड़ी देर तक उसकी चूत को मलकर सीधे घुस गया उसकी चूत चाटने को. और चाटने लगा उसकी चूत का सारा पानी जो निकला.. मैं पूरा का पूरा चाट गया था और चूसने लगा था देर मैंने उसकी चूत को चाटा. फिर मैंने उसके बूब्स हाथ में ले लिए और उसकी टॉप के अन्दर तक और अभी बाहर नहीं निकाले थे. मैं उठा और उसके बूब्स को बाहर निकाला ऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ अहहहः अहहः क्या मस्त बूब्स थे उसके गुलाबी – गुलाबी. मैं उसके बूब्स को दबाने लगा देर तक दबाये और फिर मैंने उसके बूब्स को मुह में लेकर बाईट करने लगा. फिर मैं उठा और उसकी चूत को हाथो से मलने के बाद, मैंने अपना लंड उसकी चूत में लगा दिया और उसकी चूत को अपने लंड से मलने लगा. ३० – ४० मिनट तक मैंने ऐसा किया, जिस से उसके मुह से अहहाह अहहाह अहहः अहहाह अहहाह अहहाह उम्म्म्म य्म्म्म उम्म्म जैसे बोलने लगी और गांड से ऊपर ऊपर होने लगी और कमर को ऊची करके मुझे कह रही थी… कि अब चूत में लंड घुसाओ ना… और फिर मैंने लंड को उसकी चूत में घुसा दिया. मैं उसकी चूत में लंड घुसा कर थोड़ी देर तक बैठा रहा और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के अन्दर तक घुसा दिया था. और फिर वो बोली, कि मैं जोर – जोर से उसकी चुदाई करू और वो ये कह रही थी, कि मैं चोद – चोद कर उसकी चूत को फाड़ डालू और मैं ऐसे ही उसकी चूत को जोर – जोर से चोदने लगा और इतने जोर से उसकी चुदाई करने से मेरा माल आधे घंटे में ही उसकी चूत में निकल गया. फिर हम वहां से चुदाई करके जुदा हुए और अब तक नहीं मिले है और ना है एक दुसरे को देखा है. हाँ दोस्तों जिन्दगी में, अगर वो कभी मिल जायेगी, तो दूसरी बार जरुर चोदुंगा. मैं उसकी चूत का अभी भी प्यासा हु. दोस्तों दूसरी बार जब हम लोग मिलेंगे और जो चुदाई करेंगे. तो मैं आप लोगो को जरुर बताऊंगा.*